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Tuesday, November 18, 2014

इस समय मैं थोड़ा सा गुस्सा

इस समय मैं थोड़ा सा गुस्सा , मगर थोड़ा सा खुश भी हूँ . क्योंकि मैं जो तुम्हें लैटर लिख रहा हूँ . मैं किस प्रकार का व्यक्ति हूँ शायद , मेरा अपना दिल लेकर भी तुम मुझे न पहचान सकी .

- शाहिद अजनबी 

बिना डोरे के हम

बिना डोरे के हम तेरे तरफ खिंचे चले आ रहे हैं

- शाहिद अजनबी 

बीते हुए लम्हों

बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी.

- शाहिद अजनबी 

घर मेरे आ नहीं सकते

घर मेरे आ नहीं सकते तो मुझे ही बुलवाओ

- शाहिद अजनबी 

मुस्कुरा के हमें जीना है

मुस्कुरा के हमें जीना है , गुनगुनाना है.


- शाहिद अजनबी 

शायद लोग मेरी कवितायें पढने के बाद

शायद लोग मेरी कवितायें पढने के बाद यही कहेंगे कि एक ही टॉपिक पर और प्रत्येक कविता में एक ही बात झलक रही है. पर उनके ये कमेंट करने से पहले मैं ये कमेंट करना चाहूँगा कि एक ही बात को कितनी घुमाकर फिराकर लिखना क्या कोई साधारण कार्य है .

- शाहिद अजनबी 

Monday, November 17, 2014

तुम मेरी हो

तुम मेरी हो, मैं तेरा हूँ लेकिन अभी दुनिया वालों की नज़रों में तुम्हारा मेरे ऊपर और मेरा तुम्हारे ऊपर कोई अधिकार नहीं है.


- शाहिद अजनबी

तुम मुझे इतना परेशान करती हो

तुम मुझे इतना परेशान करती हो और अंत में दिल रोकर रह जाता है और आखिर में  , सोचता हूँ कि आखिर तुम हो तो मेरी --------.

- शाहिद अजनबी 

कब बनेगी तू मेरी दुल्हनियां

कब बनेगी तू मेरी दुल्हनियां . शायद अब तुम सोच रही होगी कि मुझे इतनी जल्दी क्यों है. यही तो मैं सोच रहा हूँ पता नहीं क्यों मुझे इतनी जल्दी है . 'ऐ' मुझे डर है कहीं कोई तुम्हें , मुझसे छीन न ले जाए .


- शाहिद अजनबी

मैं तुम्हारे इन नाजुक

मैं तुम्हारे इन नाजुक हाथों को मेंहदी में देखना चाहता हूँ. न जाने क्यूँ आज दिल ये कह रहा है .

- शाहिद अजनबी

मेरा बस चले

मेरा बस चले तो शादी के सारे रस्मो रिवाज मैं तो आज ही पूरा कर दूँ.

- शाहिद अजनबी

मेरी सबसे बड़ी कमी

मेरी सबसे बड़ी कमी कि मैं प्रत्येक व्यक्ति को अपना समझ लेता हूँ और जीवन के सारे सीक्रेट बता देता हूँ ऐसा करना मेरे लिए उचित नहीं है.

- शाहिद अजनबी

न जाने क्यूँ मेरा दिल

न जाने क्यूँ मेरा दिल तुम्हें छुप -छुप के देखना चाहता है कि तुम मुझे किस तरह याद करती हो.

- शाहिद अजनबी

मेरे अन्दर विश्वास

मेरे अन्दर विश्वास नाम की कोई चीज क्यों नहीं रही.

- शाहिद अजनबी

जितना तुमने मुझे तड़पाया है

जितना तुमने मुझे तड़पाया है , शायद ही है दुनिया में किसी ने किसी को तड़पाया हो.

+Shahid Mansoori 

ख्वाब देखना अच्छा नहीं होता

ख्वाब देखना अच्छा नहीं होता लोग कहते हैं, मगर ये भी तो है कि मन में जो बात Firm कर लो वो काम कठिन नहीं होता .

+Shahid Mansoori 

प्यार करने वालों का इतिहास

प्यार करने वालों का इतिहास हमेशा दुःख से भरा रहा मगर शायद अब इन पन्नों पर कुछ और लिखा जायेगा जिसमें होगी चाहत और मुहब्बत की प्यार की कहानी जिसके ......

+Shahid Ajnabi 

Tuesday, November 11, 2014

ओ मेरे ख्वाबों

ओ मेरे ख्वाबों की मलिका
29.04.98

मेरी धड़कन

मेरी धड़कन

+Shahid Ajnabi 

मेरी जिंदगानी

मेरी जिंदगानी


+Shahid Ajnabi 

मेरी दुल्हन

मेरी दुल्हन


+Shahid Ajnabi 

मेरी जान

मेरी जान


+Shahid Ajnabi 

हर पल सताने वाला

हर पल सताने वाला

+Shahid Ajnabi 

सबसे अलग

सबसे अलग

+Shahid Ajnabi 

सबसे जुदा

सबसे जुदा

तुम्हारा हमराही

तुम्हारा हमराही

+Shahid Ajnabi 

सपनों का राजा

सपनों का राजा


+Shahid Ajnabi 

तुम्हारा हमनवा

तुम्हारा हमनवा


+Shahid Ajnabi 

तुम्हारा हमसफ़र

तुम्हारा हमसफ़र

+Shahid Ajnabi 

तुम्हारा प्यार

तुम्हारा  प्यार

+Shahid Ajnabi 

एक तुम्हारा

एक तुम्हारा

+ Shahid Ajnabi

दिल की आवाज़

दिल की आवाज़


+Shahid Ajnabi 

मन की पुकार

मन की पुकार

+Shahid Ajnabi 

दिल का चैन

दिल का चैन


+Shahid Ajnabi 

हर पल आँखों में रहने वाला

हर पल आँखों में रहने वाला

+Shahid Ajnabi 

हर अदा का दीवाना

हर अदा का दीवाना


+Shahid Ajnabi 

आने वाला कल

आने वाला कल


+Shahid Ajnabi 

एक दीवाना

एक दीवाना


+Shahid Ajnabi 

एक पागल

एक पागल


+Shahid Ajnabi 

तुम्हारा - अगली कड़ी

तुम्हारा - अगली कड़ी


+Shahid Ajnabi 

दिल के क़रीब

दिल के  क़रीब मन के पास
यादों के आईने में रहने वाले !
+Shahid Ajnabi

ओ मुझ जैसे राजा की रानी

ओ मुझ जैसे राजा की रानी

+Shahid Ajnabi 

Wednesday, August 20, 2014

आपने आज तक मुझे गुलाब नहीं दिया

"अनीसा"

एक बार तुमने मुझसे कहा था - 

आपने आज तक मुझे गुलाब नहीं दिया 
अनीसा, आज इन हवाओं के जरिए, ये गुलाब 
भेज रहा हूँ . क़ुबूल कर लेना ! 

तुम्हारा हमेशा 
शाहिद 

16.02.02

आरजू , प्यार , ज़िन्दगी

अनीसा,

You are my valentine.

आरजू , प्यार , ज़िन्दगी

अनीसा वो जो डर होता है न, पायल की छन-छन न सुन ले, दिल की गहराईयों तक जाती हुयी सांसों की आवाज़ न सुन ले.

It is the first chance , we & you were one phone line in dream.

Oct. 03



हम अपने आपको कब तक धोखा देते रहेंगे !

मुझ में इतनी ताकत , इतनी हिम्मत नहीं है कि अपनी ज़िन्दगी अपनी मुहब्बत से जुदा होकर जी सकूँ.

शाहिद मैं आपके प्यार के बंधन में इस तरह बंध गयी कि ख़ुदा के सिवाए मुझे कोई अलग नहीं कर सकता .

शाहिद आप के बगैर तो हम जमीन पर भी नहीं चल सकते, आसमान में उड़ने की बात तो बहुत दूर है. 

मगर उसे निभाना मुश्किल है

प्यार करना आसान है, मगर उसे निभाना मुश्किल है, हम दोनों ने प्यार तो कर लिया , मगर अब निभाने की बारी है, कौन कैसा निभाता है.  कम से कम छत पे बिताये वो लम्हे याद कर लिए होते.

04.05.03

प्यार से लबालब उन शामों की कसम

कसम खाओ अनीसा तुम ऐसा कुछ भी नहीं करोगी जिससे तुम्हें दुःख पहुंचे , मुझे दुःख पहुंचे और खुसूसन अपने प्यार को ग़म पहुंचे.
अनीसा मुहब्बत से लबरेज तुम्हें उन रातों की कसम जब मेरा चेहरा तुम्हारे हाथों में होता था और हम दोनों अपनी एक अलग दुनिया में खोये हुए होते थे.

अनीसा उल्फत से भरी हुयी उन तपती दोपहरों की कसम जब हम दोनों सब कुछ भूलकर , एक दूसरे को देखने और एक दूसरे का झूठा खाने में, उन दोपहरों को गुजार देते थे.

अनीसा प्यार से लबालब उन शामों की कसम जब हम दोनों अपनी ज़िन्दगी के हिस्से को छोड़कर , आने वाले कल निकहत और इमरोज़ के बारे में बातें किया करते थे.

- 5th Nov. 04

काश तुम्हें इस वक़्त देख पाता

i miss you so much since last
three days.

 काश तुम्हें इस वक़्त देख पाता.
अनीसा अल्लाह तआला जो भी करेगा
अच्छा ही करेगा.
खुद पर यक़ीन करो , मुझ पर भरोसा
रखो. बस हम दोनों की ज़िन्दगी में
जो भी होगा, अच्छा ही होगा.

या अल्लाह, आज तेरे आगे  , दोनों हाथ
फैलाकर भीख मांगता हूँ- हम दोनों
की ज़िन्दगी में खुशियाँ भर दे.

मेरी ज़िन्दगी अनीसा के ऊपर खुशियों
की बरसात कर दे !

- 1st June. 03

उस वक़्त मेरे पास सिर्फ ख़ुशी थी

अनीसा, रात जब घड़ी ने 12 बजाये , उस वक़्त मेरे पास सिर्फ ख़ुशी थी. यूँ तो साढ़े दस बजे ही नींद आने लगी थी. मगर यार सोचा तुम मेरा इंतज़ार करोगी. इसीलिए कुछ और करने लगा. उस वक़्त क्या बेकरारी थी , अनीसा बताया नहीं जा सकता . यहाँ मैं बेक़रार और वहां तुम बेचैन. 

बस फिर क्या था, हम दोनों ने फोन पर एक ऐसा सफ़र तय किया . जो हमेशा - हमेशा याद रखा जायेगा . पिछले सात सालों में कभी ऐसा नहीं हुआ. आज हम दोनों ने फोन पर एक दूसरे को बोसा किया. काश हम आमने-सामने होते . खैर ! ये क्या कम है जो हम दोनों इतने इत्मीनान से बात कर ले रहे हैं. 

25th May. 03

सारा आलम सो रहा था

अनीसा, आज सारा आलम सो रहा था, और दो प्रेमी जाग रहे थे. बस हम और तुम. यहाँ हम अपने बेड पर और वहां तुम अपने बेड पे. आज के लिए कितनी अच्छी किस्मत थी. ख़ुदा करे बार- बार आये ऐसा दिन

19th May. 03

हमारे प्यार में कुछ टूटा तो है

अनीसा, आज मैंने तुम्हारे फोन का जिस तरह से इंतज़ार किया, शायद मुहब्बत के सफ़र में अब तक न किया होगा. अपने एक दोस्त से मोबाइल ले के आया था. पूरे दिन अपने पास रखे रहा , मगर अफ़सोस , तुमने फोन नहीं किया और मैं इंतज़ार करते रह गया.

यार जिस दिन तुम्हरे फोन की जरूररत होती है , उस दिन तुमने कभी फोन नहीं किया होगा.
आज कॉलेज में मुझे पोएट्री का इनआम मिलने वाला था , सारे दोस्त , सारे लोग मेरे साथ थे,  मगर एक तुम जो फोन करके भी विश न कर सकीं.

अनीसा, हमारे प्यार में कुछ टूटा तो है , वरना वो अनीसा जरूर फोन करती , जो कभी, मेरे लिए , रोटी थी, तड़पती थी. खैर !!!

20th Apr. 03